राज्यसभा चुनाव / खाली हो रही 55 सीटों में भाजपा को 13 जबकि कांग्रेस को 8 से 10 सीटें मिलने की संभावना, क्षेत्रीय दलों पर ज्यादा असर नहीं

राज्यसभा की 55 सीटों के लिए निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया। चुनाव प्रक्रिया 6 मार्च से शुरू होगी और 26 मार्च को मतदान होगा। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7, इसके बाद तमिलनाडु में 6 और पश्चिम बंगाल में 5 सीटें खाली होंगी। दलगत स्थिति के आधार पर राज्यसभा में मौजूदा 14 सीटों के बदले भाजपा को 13 सीटें मिलनी तय हैं। 2 सीटें गठबंधन के हिसाब से तय होंगी। कांग्रेस को 8-10 सीटें मिल सकती हैं। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में क्षेत्रीय दलों की स्थिति जस की तस रहने की संभावना है।


राज्यसभा के लिए 17 राज्यों की जिन 55 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 4 सांसद पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। ओडिशा में बीजद के सांसद अनुभव मोहंती लोकसभा में चुने जा चुके हैं। असम में भुवनेश्वर कालिता और संजय सिंह के भाजपा में शामिल हो गए हैं। वहीं, हरियाणा में इनेलोद के सांसद रहे रामकुमार कश्यप ने जून में ही इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इसके साथ ही 51 सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है।


इन वरिष्ठ नेताओं की कार्यकाल खत्म होगा


दिग्विजय सिंह (मध्य प्रदेश), मोतीलाल वोरा (छत्तीसगढ़), कुमारी शैलजा (हरियाणा), विप्लव ठाकुर (हिमाचल प्रदेश), मधुसूदन मिस्त्री (गुजरात), रामदास अठावले (महाराष्ट्र), परिमल नाथवानी, प्रेम चंद्र गुप्ता (झारखंड), विजय गोयल (राजस्थान) और डीएमके के थिरूची शिवा। इन सभी का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो जाएगा।